पैग़ाम ए इंसानियत सामाजिक संस्था के सहयोग से चरथावल विधायक पंकज मलिक ने खिलाड़ी को भाला किया भेंट

पैग़ाम ए इंसानियत सामाजिक संस्था के सहयोग से चरथावल विधायक पंकज मलिक ने खिलाड़ी को भाला किया भेंट

उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में चरथावल से समाजवादी पार्टी के विधायक पंकज मलिक ने आर्थिक रूप से कमजोर एक खिलाड़ी को पैगामी इंसानियत के सहयोग से मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाले आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ी आवेश बालियान को जैवलिन थ्रो (भाला) भेंट कर खिलाड़ी को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस दौरान जैवलिन थ्रो खिलाड़ी आवेश बालियान ने विधायक पंकज मलिक और पैगाम में इंसानियत के अध्यक्ष आसिफ राही का धन्यवाद किया।
दरअसल उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में थाना शाहपुर क्षेत्र के गांव खतौला निवासी युवा खिलाड़ी आवेश बालियान जैवलिन थ्रो (अंडर-17) के एक होनहार और प्रतिभावान खिलाड़ी हैं, जिन्होंने उत्तर प्रदेश स्तर पर दो बार प्रथम स्थान तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक बार प्रथम स्थान प्राप्त कर न सिर्फ अपने गांव बल्कि पूरे जनपद मुज़फ्फ़रनगर का नाम रोशन किया है। हालांकि आर्थिक तंगी के कारण आवेश राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उपयोग होने वाले उच्च गुणवत्ता के जैवलिन को खरीदने में असमर्थ थे। जैवलिन की अधिक कीमत उनकी प्रतिभा के मार्ग में बाधा बन रही थी और अभ्यास के स्तर पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा था। इस स्थिति को गंभीरता से समझते हुए पैग़ाम-ए इंसानियत संस्था ने एक मानवीयता का परिचय देते हुए
संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष आसिफ़ राही ने युवा खिलाड़ी की प्रतिभा और संघर्ष को देखते हुए उसके लिए आवश्यक अंतरराष्ट्रीय स्तर का जैवलिन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। आसिफ़ राही ने कहा कि पैग़ाम-ए-इंसानियत का उद्देश्य ही यही है कि समाज के ऐसे होनहार बच्चों को सहारा दिया जाए, जो संसाधनों के अभाव में आगे बढ़ने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि आवेश जैसे खिलाड़ी देश का भविष्य हैं, यदि आज इन्हें सहयोग मिला तो कल यही युवा देश और समाज का नाम रोशन करेंगे। पैग़ाम-ए-इंसानियत आगे भी ऐसे प्रतिभावान खिलाड़ियों और जरूरतमंद युवाओं के साथ खड़ी रहेगी।
चरथावल विधानसभा क्षेत्र के विधायक पंकज मलिक ने जैवलिन खिलाड़ी आवेश बालियान को पैगामी इंसानियत के सदस्यों के साथ जैवलिन (भाला) सौंपा। इस अवसर पर विधायक पंकज मलिक ने कहा कि ग्रामीण अंचलों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन संसाधनों और मार्गदर्शन के अभाव में कई प्रतिभाएं दबकर रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि समाज के हर सक्षम व्यक्ति और संस्था को आगे आकर ऐसे खिलाड़ियों की मदद करनी चाहिए, ताकि वे अपने लक्ष्य तक पहुंच सकें। जैवलिन प्राप्त कर आवेश बालियान बेहद प्रसन्न नजर आए। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर की तैयारी के लिए इस तरह के जैवलिन की आवश्यकता महसूस कर रहे थे, लेकिन आर्थिक कारणों से इसे खरीद नहीं पा रहे थे। अब उन्हें पूरा विश्वास है कि वे कड़ी मेहनत और निरंतर अभ्यास के माध्यम से आने वाली जैवलिन थ्रो चैंपियनशिप में अपने जिले, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

 

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