मुजफ्फरनगर में बड़ा फर्जीवाड़ा गैंग बेनकाब: 28.50 लाख की ठगी करने वाले 7 आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, 22 लाख नगद बरामद

मुजफ्फरनगर जनपद के थाना भोपा क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी दस्तावेजों के जरिए लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गऊशाला के लिए जमीन दिलाने के नाम पर 28 लाख 50 हजार रुपये की ठगी करने वाले गिरोह के सरगना सहित कुल 7 आरोपियों को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 22 लाख रुपये नगद, कंप्यूटर उपकरण और दो फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किए हैं। यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, क्षेत्राधिकारी भोपा देववृत्त वाजपेई और थाना प्रभारी जसवीर सिंह के नेतृत्व में अंजाम दी गई।
पीड़ित विष्णुदास, निवासी निर्मोही अखाड़ा शुकतीर्थ, ने 18 मार्च 2026 को थाना भोपा में शिकायत दर्ज कराई थी कि हासिम नामक व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर गऊशाला के लिए जमीन दिलाने के नाम पर उनसे 28.50 लाख रुपये ठग लिए और पैसे वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी दी।
शिकायत के आधार पर थाना भोपा में मामला दर्ज कर पुलिस ने तत्काल टीम गठित की और 19 मार्च को मुखबिर की सूचना पर तुगलकपुर रोड स्थित सीकरी में छापेमारी कर गिरोह के सरगना हासिम समेत सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी जमीन मालिक तैयार किया, फर्जी आधार कार्ड बनाए और एक व्यक्ति को लेखपाल बनाकर पूरा सौदा रचा। इसके बाद इकरारनामा तैयार कर पीड़ित से मोटी रकम ऐंठ ली। ठगी के बाद आरोपियों ने इस्तेमाल किए गए मोबाइल सिम भी नष्ट कर दिए थे ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंचे।
गिरफ्तार आरोपियों में हासिम, प्रवीन, दिलशाद, सुखविंदर, फैजाव, रवीश और अब्दुल कादिर शामिल हैं, जिनमें से कुछ के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इस सराहनीय कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने थाना भोपा पुलिस टीम को 25,000 रुपये का पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है।
पुलिस अब आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास और संभावित नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।