मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 1.01 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह का शातिर सदस्य गिरफ्तार, 25 लाख रुपये फ्रीज

मुजफ्फरनगर। सोशल मीडिया पर दोस्ती कर निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने करीब 1 करोड़ 1 लाख 2 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में गिरोह के एक शातिर सदस्य को गिरफ्तार किया है। वहीं ठगी गई धनराशि में से 25,18,918 रुपये फ्रीज कराकर पीड़ित को वापस दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में थाना साइबर क्राइम पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने दिल्ली निवासी मोहित कुमार पुत्र राजेंद्र को गिरफ्तार किया है, जबकि मामले में दो अन्य आरोपियों हरीश जैन और विवेक बंजारा को प्रोडक्शन वारंट पर तलब किया गया है।
फेसबुक पर हुई दोस्ती, फिर करोड़ों की ठगी
पुलिस के अनुसार पीड़ित को फेसबुक पर एक फ्रेंड रिक्वेस्ट प्राप्त हुई थी। फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने वाली महिला ने अपना नाम “गीतिका कपूर उर्फ जीजी” बताया। बातचीत के दौरान आरोपी महिला ने पीड़ित का विश्वास जीत लिया और भावनात्मक संबंध स्थापित कर ऑनलाइन ट्रेडिंग एवं निवेश के नाम पर DGXC नामक वेबसाइट में पैसा लगाने के लिए प्रेरित किया।
आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुपों में फर्जी लाभ और निवेशकों की सफलता की कहानियां दिखाकर पीड़ित का भरोसा बढ़ाया। इसके बाद अलग-अलग तिथियों में पीड़ित से कुल 1,01,02,000 रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा करा लिए गए।
वेबसाइट पर करोड़ों रुपये का फर्जी लाभ दिखाया जाता रहा, लेकिन जब पीड़ित ने धनराशि निकालने की कोशिश की तो आरोपियों ने “फाइनल वेरिफिकेशन”, “डेटा रिपेयरिंग” और “एंटी मनी लॉन्ड्रिंग प्रोसेस” जैसे बहाने बनाकर और पैसे जमा कराने का दबाव बनाया। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं चार आरोपी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पूर्व में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनसे 6 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 15 एटीएम कार्ड, 3 चेकबुक, 24 चेक और 2,590 रुपये नकद बरामद किए गए थे।
आरोपी के खातों में करोड़ों का लेनदेन
जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी मोहित कुमार के विभिन्न बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है।
पुलिस के अनुसार मोहित कुमार के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया खाते से विभिन्न राज्यों की करीब 8 साइबर धोखाधड़ी शिकायतें जुड़ी मिली हैं। इन शिकायतों में लगभग 1.18 करोड़ रुपये की ठगी हुई, जिसमें से 45.45 लाख रुपये आरोपी के खाते में पहुंचे थे।
इसके अलावा कोटक बैंक खाते पर 6 साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें 5.77 लाख रुपये की धोखाधड़ी हुई और 3.12 लाख रुपये आरोपी के खाते में आए। वहीं एक्सिस बैंक खाते में करीब 1.5 करोड़ रुपये, पंजाब नेशनल बैंक खाते में करीब 9 करोड़ रुपये तथा डीसीबी बैंक खाते में लगभग 2 लाख रुपये का लेनदेन सामने आया है। इन सभी लेनदेन की जांच की जा रही है।
पंजाब और मध्यप्रदेश के आरोपियों की भी भूमिका संदिग्ध
प्रोडक्शन वारंट पर तलब किए गए आरोपी हरीश जैन के इंडसइंड बैंक खाते से विभिन्न राज्यों की 7 शिकायतें जुड़ी मिली हैं। इन मामलों में करीब 7.26 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी की गई, जिसमें से 1.62 करोड़ रुपये से अधिक की रकम उसके खाते में पहुंची।
वहीं मध्यप्रदेश निवासी विवेक बंजारा के पंजाब नेशनल बैंक खाते में करीब 24 लाख रुपये का लेनदेन मिला है। उसके खाते से जुड़ी शिकायतों में 6.33 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है।
पीड़ित को राहत दिलाने में जुटी पुलिस
मुजफ्फरनगर साइबर क्राइम पुलिस अब तक इस प्रकरण में 25.18 लाख रुपये फ्रीज करा चुकी है और उक्त धनराशि को पीड़ित के खाते में वापस कराने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है तथा बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की मित्रता, ऑनलाइन निवेश योजनाओं और अत्यधिक लाभ के दावों से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना से संपर्क करें।