किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे भाकियू (अराजनीतिक), 13 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे भाकियू (अराजनीतिक), 13 सूत्रीय मांगपत्र सौंपकर दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी


मुजफ्फरनगर। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर सोमवार को भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के बैनर तले बड़ी संख्या में किसान जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर नारेबाजी की और 13 सूत्रीय मांगपत्र सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान उस समय हलचल मच गई जब कलेक्ट्रेट पहुंचे किसानों का सामना जिलाधिकारी से हुआ। संगठन के पदाधिकारियों और जिलाधिकारी के बीच कुछ देर बातचीत हुई, जिसके बाद जिलाधिकारी वहां से रवाना हो गए। इसके कुछ समय बाद कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल भी पहुंच गया। हालांकि बाद में किसानों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपना धरना समाप्त कर दिया
जिलाधिकारी से बहस करते हुए भाकियू अराजनैतिक के कार्यकर्ता

भाकियू (अराजनीतिक) ने मांगपत्र में किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। संगठन ने अंश निर्धारण के लंबित मामलों का निस्तारण, फार्मर आईडी की समस्याओं का समाधान, डीएपी, यूरिया व अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता तथा खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने की मांग की। इसके अलावा नकली बीज, नकली कीटनाशक और मिलावटी उर्वरकों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई तथा खराब बीजों से प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की भी मांग रखी गई।

जिलाधिकारी और भारतीय किसान यूनियन और अराजनीतिक कार्यकर्ता

किसानों ने फसल बीमा योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने, प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा देने, आवारा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, कृषि बिजली आपूर्ति नियमित करने तथा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान ब्याज सहित कराने की मांग भी उठाई।
भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के नेता कुशल वीर सिंह ने कहा कि संगठन ने न तो जिलाधिकारी का रास्ता रोका और न ही किसी प्रकार की बहस की। उनका कहना था कि जब जिलाधिकारी वाहन से जा रहे थे तो किसानों ने अपनी बात रखने के लिए उन्हें रोका। उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी किसानों की समस्याएं नहीं सुनेंगे और उनका समाधान नहीं करेंगे तो ऐसे अधिकारियों को जिले में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को और व्यापक एवं तेज करेगा।

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