मुजफ्फरनगर में 9 मामलों में 22 दोषियों को फांसी की सजा, एक महिला भी शामिल
मुजफ्फरनगर : जिले की अदालत में हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में सख्त सजा सुनाए जाने से अपराधियों में खौफ का माहौल है। जानकारी के अनुसार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने पिछले पांच माह में नौ मामलों में 22 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इनमें एक महिला दोषी भी शामिल है।
जानकारी के मुताबिक, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने 29 नवंबर 2025 को मुजफ्फरनगर के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में पदभार ग्रहण किया था। इसके बाद से उनके न्यायालय में विचाराधीन गंभीर आपराधिक मामलों में साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर फैसले सुनाए गए हैं। बताया गया है कि न्यायाधीश अपने कार्यकाल में अब तक कुल 35 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके हैं।
अदालत से लगातार मिल रही सख्त सजाओं के चलते हत्या और हत्या के प्रयास से जुड़े मुकदमों में अभियोजन पक्ष के साथ-साथ बचाव पक्ष के अधिवक्ता भी पूरी गंभीरता से पैरवी कर रहे हैं। वहीं, गंभीर अपराधों में आरोपी बनाए गए लोगों के बीच भी इस अदालत में मुकदमा पहुंचने को लेकर चर्चा और चिंता का माहौल देखने को मिल रहा है।
अदालत द्वारा दोषियों को सजा सुनाने में मजबूत गवाही और ठोस साक्ष्यों की अहम भूमिका सामने आ रही है। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों की गवाही को न्यायालय द्वारा परीक्षण के बाद दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा सुनाई जा रही है।
मुजफ्फरनगर में लगातार गंभीर आपराधिक मामलों में कड़े न्यायिक फैसलों को कानून-व्यवस्था और न्याय व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, फांसी जैसी सजा प्रत्येक मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायालय द्वारा किए गए न्यायिक परीक्षण के आधार पर ही सुनाई जाती है