ऑपरेशन सवेरा: मुजफ्फरनगर पुलिस का ड्रग माफिया पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 80 करोड़ की संपत्ति जप्त

मुजफ्फरनगर : नशे के सौदागरों के खिलाफ मुजफ्फरनगर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। “नशे के अंधकार से जीवन के उजाले की ओर” के संकल्प के साथ शुरू हुए ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत पुलिस ने एक कुख्यात ड्रग किंगपिन की 80 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति को ज़ब्त कर लिया है। उत्तर प्रदेश में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत संपत्ति ज़ब्तीकरण की यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
ड्रग किंगपिन का ‘काली कमाई’ का साम्राज्य ध्वस्त
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में मुजफ्फरनगर पुलिस ने शाहजहांपुर के हिस्ट्रीशीटर अपराधी बाबू उर्फ रियाज उर्फ असफाक के आर्थिक साम्राज्य पर प्रहार किया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री आदित्य बंसल के नेतृत्व में गठित टीम ने गहन जांच के बाद अभियुक्त और उसके रिश्तेदारों के नाम पर दर्ज 34 अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया था।
सक्षम प्राधिकारी SAFEM(FOP)A, 1976 & NDPS ACT 1985, NEW DELHI ने साक्ष्यों के आधार पर 24 मार्च 2026 को इन संपत्तियों को ज़ब्त करने का ऐतिहासिक आदेश जारी किया।
क्या-क्या हुआ ज़ब्त? (संपत्तियों का ब्यौरा)
पुलिस द्वारा शाहजहांपुर और बरेली में की गई इस छापेमारी में जो संपत्तियां ज़ब्त की गई हैं, उनकी सूची चौंकाने वाली है:
ईंट के भट्टे: शाहजहांपुर के ताहरपुर में स्थित 03 बड़े ईंट के भट्टे (अनुमानित कीमत ₹33 करोड़ से अधिक)।
व्यावसायिक शोरूम: मीरानपुर कटरा में बिल्डिंग मटेरियल का 04 मंजिला विशाल शोरूम और अन्य कॉम्प्लेक्स।
आलीशान बंगले: अभियुक्त द्वारा नशे की काली कमाई से बनाए गए कई आलीशान मकान।
कृषि भूमि: बरेली और शाहजहांपुर के विभिन्न गांवों में करोड़ों रुपये की दर्जनों हेक्टेयर कृषि भूमि।
वाहन: लग्जरी कारें और ट्रैक्टर।
अपराधी का लंबा इतिहास
अभियुक्त बाबू उर्फ रियाज कोई साधारण अपराधी नहीं है। वह शाहजहांपुर का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच, स्पेशल सेल और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में 11 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं। मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना थाने में दर्ज स्मैक तस्करी के मामले के बाद पुलिस ने इसकी अवैध संपत्तियों की परतें खोलनी शुरू की थीं।
“यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। नशे के व्यापार से अर्जित कोई भी संपत्ति अब सुरक्षित नहीं रहेगी। हम अपराधियों की आर्थिक रीढ़ तोड़कर समाज को इस जहर से मुक्त कराने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।”
— संजय कुमार वर्मा (SSP, मुजफ्फरनगर)
जनता में बढ़ा विश्वास
मुजफ्फरनगर पुलिस की इस सख्त कार्रवाई ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस प्रशासन के इस ‘जीरो टॉलरेंस’ रवैये की सराहना की है। इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि कानून के हाथ लंबे हैं और अवैध धंधों से महल खड़ा करने वालों का अंत जेल और कुर्की ही है।